Thursday, November 2, 2017

जय श्री राम

कुरुक्षेत्र में कहने को विकास हो रहा है क्या इस विकास से कोई लाभ मिल सकेगा राजनितिक पार्टियों को ,
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में विकास के नाम पर सड़के उखाड़ी जा रही है हलाकि उन्हें बनाया भी जा रहा है लेकिन जिन सड़को को उखाड़ने की जरूरत नहीं उन्हें भी उखाड़ा जा रहा है ,जिससे करोड़ो रुपए खराब हो रहे है ,बीजेपी हो या कांग्रेस सभी ने जमीन अपने नजदीकियों को बाटी है कांग्रेस ने वाड्रा को दी और बीजेपी ने धर्म गुरुओ को बात एक ही है जमीन तो बाटी ही है ,अब 2019 के चुनाव में देखा जाएगा की क्या जनता बीजेपी की नीतियों से खुश हुई या परेशान ,

Thursday, October 5, 2017

Friday, May 15, 2015

पेट्रोल डीजल के दाम बढे

प्रदेश में भाजपा सरकार ने दूसरी बार बढ़ाए पेट्रोल और डीजल के दाम
राकेश रोहिला
कुरुक्षेत्र की जनता को यह आशा नहीं थी की भाजपा सरकार एक साल में दूसरी बार पट्रोल और डीजल के दाम बडा देगी,शुक्रवार को भाजपा ने 3रुपए 15 और डीजल 2.71 और अधिक बढा दिया है जिससे एक तो पहले ही जनता महंगाई की मार झेल रही है और अब भाजपा सरकार ने जोर का झटका धीरे से देकर जनता की कमर तोड़ने का काम किया है जनता और विपक्ष की पार्टी ने भी निंदा की है

कुरुक्षेत्र में सीएम

कुरुक्षेत्र पहुचे सीएम मनोहर लाल  खट्टर,प्रदेश कार्यकारणी की बैठक में किया सम्बोधित,वाड्रा पर साधा निसाना,बैठक में भाजपा के कई केबिनेट मंत्री रहे मौजूद

Sunday, July 13, 2014


राकेश रोहिल्ला 9996734100
प्रदेश में आजकल चुनाव का माहोल बनता जा रहा है हर पार्टी लोगो को अपने वस में करना चाहती है और खासकर युवा वर्ग पर सभी की नजर है हर पार्टी नेता मीटिंगों ने कह रहे है की युवा वर्ग को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन यह सब चुनाव के दौरान ही है चुनाव होने के बाद कोण सी पार्टी युवा को नौकरी देती है और उनको कोण सबसे ज्यादा प्राथमिकता देता है यह सोचने वाली बात है इस लिए लोगो को किसी अफवा का ध्यान नही देना चाहिए और एक सही सरकार बनाने के लिए योगदान देना चाहिए और सभी लोगो को आने वाले चुनाव में अपने मत का प्रयोग करना चाहिए ,
राकेश रोहिल्ला को सम्मानित करते पीपली गाँव के सरपंच वीरेंद्र तलवाड़



कुरुक्षेत्र जाट धर्मशाला में हुई गेस्ट टीचरो की प्रदेश स्तरीय बैठक ,बैठक में लिया गया निर्णय ,15 जुलाई से हर ब्लॉक स्तर पर होंगे पर्द्शन ,


कुरुक्षेत्र जाट धर्मशाला में हुई गेस्ट टीचरो की प्रदेश स्तरीय बैठक ,बैठक में लिया गया निर्णय ,15 जुलाई से हर ब्लॉक स्तर पर होंगे पर्द्शन ,21 जुलाई को पंचकुला में शिक्षा निदेशालय के बहार दिया जाएगा सांकेतिक धरना ,मांग पूरी नही हुई तो सरकार का किया जाएगा चुनाव में विरोद ,

कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में  गेस्ट टीचरो की एक प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई ,बैठक में सभी जिलो से प्रतिनिधि पहुंचे हुए थे और नियमित करने की मांग को लेकर करीब दो घंटे बैठक चली ,बैठक में निर्णय लिया की उन्हें सरकार की तीन साल की पॉलसी के तहत पक्का किया जाए ,इसके आलावा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है की नियमित होने की मांग को लेकर पुरे प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर 15 जुलाई से पर्द्शन किए जाएगे और 21 जुलाई को पंचकुला में शिक्षा निदेशालय के बहार सांकेतिक धरना भी दिया जाएगा ,

बैठक की अध्यक्षता कर रहे गेस्ट टीचरो के सयोजक राजेंदर शर्मा शास्त्री ने बताया की आने वाले दिनों में यदि सरकार ने उन्हें नियमित नही किया तो वे चुनाव में भी सरकार का विरोद करेंगे ,इसके आलावा बैठक में गेस्ट टीचरो से बदली करवाने के नाम पर पैसे ठगने वाले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ भी निंदा की गई और आने वाले दिनों में वे इस मामले को सरकार के सामने भी लेकर आएगे ,उन्होंने कहा की अभी तक उनके संगठन से सीएम का कोई धन्यवाद नही किया है ,

 राकेश रोहिल्ला-9996734100




इनेलो विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। पार्टी प्रत्याशियों की पहली सूची इसी महीने जारी होगी। पार्टी परदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कुरुक्षेत्र में आयोजित एससी और बीसी सेल के सम्मेलनों के दौरान यह ख़ुलासा किया।

इनेलो विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। पार्टी
प्रत्याशियों की पहली सूची इसी महीने जारी होगी। पार्टी परदेशाध्यक्ष
अशोक अरोड़ा ने कुरुक्षेत्र में आयोजित एससी और बीसी सेल के सम्मेलनों के
दौरान यह ख़ुलासा किया।
कुरुक्षेत्र में आज इनेलो के एससी और बीसी सेल के सम्मेलन आयोजित किए
गए। पार्टी के परदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने इस मौक़े पर कहा कि इसी महीने
इनेलो पार्टी प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर देगी। अरोड़ा ने कहा कि
इनेलो टिकटों में एससी और बीसी के साथ-साथ महिलाओं को भी पूरी हिस्सेदारी
देगी। अरोड़ा ने कहा इनेलो ने हमेशा एससी और बीसी वर्ग को पूरी भागीदारी
दी है।
इनेलो विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। इसी कड़ी में आज
एससी और बीसी सम्मेलन आयोजित किये गये। अलग कमेटी के सवाल पर उन्होंने
कहा कि इनेलो सिखों को दोफाड करने के ख़िलाफ़ है। सत्ता में आने पर सिखों
की मर्ज़ी से ही कोई फ़ैसला लिया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर फूट
डालने का आरोप भी लगाया।विधान सभा में बायकाट करने के मामले पर भी अशोक अरोड़ा ने कहा की यदि सरकार चंडीगढ़ ,एसवाईएल ,के मामले पर बिल लेकर आती तो वे उसका समर्थन करते लेकिन कांग्रेस ने सीखो को बाटने का काम किया है ,उनकी सरकार आने पर जो हरियाणा के सीखो को जो मंजूर होगा वह किया जाएगा , बैठक में राज्य सभा संसद रामकुमार कश्यप ने कहा की इनेलो को किसी गठ्बंदन की जरूरत नही है और यदि कोई महा गठ्बंदन बनता है तो भी इनेलो को कोई फर्क नही पड़ेगा , 
 
राकेश रोहिल्ला-9996734100



--

Thursday, June 30, 2011

कस्बे में गृहकर न भरने वालों की अब खैर नहीं। नगर पालिका ने सुविधाएं हासिल करने के बावजूद गृहकर न भरने वालों पर अब शिकंजा कसने का मन बना लिया है। इसके लिए नगर पालिका अधिकारियों ने खाका तैयार किया है। इसके तहत पहले नगर पालिका गृहकर दाताओं से प्रार्थना कर गृहकर भरने की अपील करेगा और इसके बाद भी यदि लोगों ने गृहकर अदा नहीं किया तो इन गृह कर दाताओं के फ्लैक्स बनाकर कस्बे के चौकों पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा इन लोगों को नोटिस देकर मामले दर्ज कराने की योजना भी बनाई गई है। इस संबंध में हुई अधिकारियों की बैठक में कस्बे में पॉलीथिन का प्रयोग करने वाले दुकानदारों पर भी शिकंजा कसने की योजना बनाई गई है। तैयार की गई योजना पर कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है।

अब सख्ती से होगा काम: बठला

वहीं इस संबंध में नपा सचिव के एल बठला से बातचीत की गई उनहोंने माना कि ऐरी योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पॉलीथिन का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों पर तो कार्रवाई शुरू भी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एक बार पहले भी नगर पालिका ने इस तरह की एक योजना बनाकर कार्रवाई की थी, जिसका सकारात्मक परिणाम हासिल हुआ था।

कस्बे में गृहकर न भरने वालों की अब खैर नहीं। नगर पालिका ने सुविधाएं हासिल करने के बावजूद गृहकर न भरने वालों पर अब शिकंजा कसने का मन बना लिया है। इसके लिए नगर पालिका अधिकारियों ने खाका तैयार किया है। इसके तहत पहले नगर पालिका गृहकर दाताओं से प्रार्थना कर गृहकर भरने की अपील करेगा और इसके बाद भी यदि लोगों ने गृहकर अदा नहीं किया तो इन गृह कर दाताओं के फ्लैक्स बनाकर कस्बे के चौकों पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा इन लोगों को नोटिस देकर मामले दर्ज कराने की योजना भी बनाई गई है। इस संबंध में हुई अधिकारियों की बैठक में कस्बे में पॉलीथिन का प्रयोग करने वाले दुकानदारों पर भी शिकंजा कसने की योजना बनाई गई है। तैयार की गई योजना पर कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है।

अब सख्ती से होगा काम: बठला

वहीं इस संबंध में नपा सचिव के एल बठला से बातचीत की गई उनहोंने माना कि ऐरी योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पॉलीथिन का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों पर तो कार्रवाई शुरू भी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एक बार पहले भी नगर पालिका ने इस तरह की एक योजना बनाकर कार्रवाई की थी, जिसका सकारात्मक परिणाम हासिल हुआ था।

स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिला अध्यक्ष अमन ने कहा कि कुवि में सेमेस्टर शिक्षा प्रणाली संसाधनों के अभाव में असफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में शुक्रवार को उनका संगठन कुवि कुलपति को ज्ञापन सौंपेगा।

उन्होंने कहा कि जो छात्र अन्य सभी विषयों में 70 से 80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर रहे हो, वो सभी एक ही विषय में फेल हो गए। बीए अंतिम वर्ष, बीटेक व बीएसी मेडिकल प्रथम वर्ष के घोषित परिणामों का भी यही हाल है। छात्रों को बाद में परीक्षा शाखा के चक्कर काटने पड़ते हैं। एसएफआइ के जिला सेक्रेटरी सुशील ने कहा कि यूनिवर्सिटी में गैर शिक्षक कर्मचारियों की कमी के कारण परिणाम देरी से आता है। सदस्यों ने सेमेस्टर परीक्षा प्रणाली की दोबारा जाच करने की मांग की । इस मौके पर एसएफआइ की प्रधान निर्मल प्रमुख तौर पर उपस्थित थी।

नौ अधिकारी एवं कर्मचारी बृहस्पतिवार को सेवानिवृत

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कार्यरत नौ अधिकारी एवं कर्मचारी बृहस्पतिवार को सेवानिवृत हुए। इनमें एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एससी शर्मा एवं डॉ. डीएस संधू, सहायक पद से संतोष चावला, मदन गोपाल शर्मा एवं हरि सिंह, इलेक्ट्रनिक पद से सोहन सिंह एवं धन सिंह, सुरक्षा कर्मचारी पद से एस नैयर,बलदेव सिंह शामिल है। उल्लेखनीय है कि डॉ. एससी शर्मा अप्रैल 2010 से यूनिवर्सिटी कॉलेज में बतौर प्रिंसिपल कार्यरत थे एवं डॉ. डीएस संधू वर्ष 1996 से यूनिवर्सिटी में बतौर आफिसर इचार्ज, सुरक्षा के पद पर अतिरिक्त रूप से कार्यरत थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय के कुलपति जनरल डॉ. डीडीएस संधू ने कमेटी रूम में सभी उपस्थित सेवानिवृत कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुरेंद्र देशवाल, यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्राध्यापक मनोज मिश्रा, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान राम प्रकाश, महासचिव दीपक शर्मा, अधीक्षक डीके बजाज उपस्थित थे।

सतलुज-यमुना लिंक नहर के किनारों को मजबूत करने के लिए सरकार ने 4 करोड़ रुपये की राशि मंजूर



RAKESH ROHILLA KURUKSHETRA
M9996734100
जिला प्रशासन ने बाढ़ से बचाव के उपाय युद्धस्तर पर करके पूरा करने का अभियान चलाया है। पहली बार सतलुज-यमुना लिंक नहर के किनारों को मजबूत करने के लिए सरकार ने 4 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी, लेकिन जल सेवा डिविजन ने इस कार्य को ढ़ाई करोड़ रुपये में निर्धारित अवधि में पूरा कर लिया है। जिला उपायुक्त सीजी रजनिकंातन ने बताया कि पिछले वर्ष सतलुज-यमुना लिंक नहर के किनारे में आई दरार के कारण कुरुक्षेत्र नगर के शाति नगर, दीदार नगर की आवासीय कालोनियों में पानी भरने के कारण काफी नुकसान हुआ था। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए प्रशासन ने सतलुज-यमुना लिंक नहर के किनारों को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने का काम चलाया। जल सेवाएं डिविजन ने इस नहर को 29 किलोमीटर से 41 किलोमीटर तथा 44 किलोमीटर से साढे 47 किलोमीटर के क्षेत्र में बाई तरफ के किनारे को मजबूत किया गया। 13 किलोमीटर से 29 किलोमीटर तथा 41 किलोमीटर से 44 किलोमीटर तक किनारों के आस-पास जो भी कट थे, उनमें मिट्टी भरकर मजबूत करने का काम पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि सतलुज-यमुना लिंक नहर के 13 से 48 किलोमीटर के क्षेत्र में सफाई का काम भी पूरा किया गया। डिविजन द्वारा इस नहर की मजबूती के साथ-साथ विभिन्न बाधों व ड्रेनों की सफाई का काम भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया। जो ड्रेन पिछले चार वर्षो से सफाई के अभाव में लंबित पड़े थे, उन ड्रेनों को भी इस बार साफ किया गया है। इन ड्रेनों में संधौली ड्रेन, लुखी ड्रेन तथा शाहबाद क्षेत्र की बैंतन ड्रेन व कराह साहिब ड्रेन शामिल है। सतलुज-यमुना लिंक नहर के पैरलेल ड्रेन जो बचगावा, दबखेड़ी गाव से होकर गुजरती है, इस ड्रेन की भी समुचित सफाई का काम पूरा किया गया। इस दौरान लिंडा नाला की सफाई का काम भी पूरा कर लिया गया है। जल सेवाएं डिविजन के कार्यकारी अभियंता जितेंद्र गोस्वामी ने बताया कि उनके विभाग द्वारा गाव डाडलू, पाडलू, खानपुरा, शाहबाद, रामनगर, कलसाना, मोहनपुर, मदनपुर, मलिकपुर, गुमटी, नलवी, नगला, बसंतपुर, झड़ौली खुर्द, शातिनगर, गोरखा, ठौल, रोहटी, ठसका मीराजी, इस्माईलाबाद, टबरा, मेगामाजरा, दुनियामाजरा, जलबेड़ा, गंगहेड़ी, टयूकर, महाशय प्लाट, सादिकपुर, हरिगढ़ भौरख गावों की आबादी व कृषि भूमि को बचाने के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि खर्च करके बाढ़ बचाव के कार्यो को पूरा किया गया है। इसके अतिरिक्त आरडी 4500 आरएमबी झासा के आस-पास आबादी व कृषि भूमि को बचाने के लिए सवा सात लाख रुपये की लागत से पत्थरों से किनारे मजबूत करने का काम भी पूरा कर लिया गया है। बाढ़ के पानी को शातिनगर, नलवी, बसंतपुर, झड़ौलीखुर्द व झासा से निकालने के लिए एसवाईएल के 20 किलोमीटर पर इनलेट निर्माण का काम भी पूरा कर दिया गया है।

जहा इसान दिन के समय भी जाने से घबराए ऐसे स्थान पर कुछ लोग डेरा डालकर रात को खाना खा कर आराम फरमाए तो अटपटा अवश्य लगता है। इसका प्रमाण ठसका मीरा जी गांव के पास शमशान घाट में देखने का मिला।

बुधवार देर शाम को तीन घोड़ा रेहड़ों पर गाव दर गाव सामान बेचकर गुजारा करने वालों को ग्रामीणों ने इलाके में बाढ़ आने के खतरे से अवगत कराया। इन लोगों ने मारकंडा नदी की ओर न जा कर गाव के पास स्थित शमशान घाट में ही डेरा डाल दिया। इस शमशान घाट में बिजली व पीने के पानी तक का भी प्रबंध नहीं है। इसमें डेरा डालने वालों ने रात के समय चूल्हा जलाकर खाना बनाया और मजे से खाया। बृहस्पतिवार को इन लोगों को देखने गाव के लोग पहुचे। इन लोगों ने बताया कि वे गुड़, शक्कर, खल, साबुन आदि बेचने का काम करते है। इन लोगों ने बताया कि रात के समय ठहरने के लिए शमशान घाट का चयन इस लिए किया गया कि रात के समय ऐसे स्थान पर चोरी का किसी प्रकार का भय नहीं रहता है। ग्रामीणों ने इन लोगों के साहस की सराहना की।

धरोहर हरियाणा संग्रहालय में प्रदेश तथा देश के प्रसिद्ध राजवंशों से संबंधित सिक्कों का सेक्शन तैयार किया जाएगा


RAKESH ROHILLA KURUKSHETRA
M.9996734100
कुरुक्षेत्र धरोहर हरियाणा संग्रहालय में प्रदेश तथा देश के प्रसिद्ध राजवंशों से संबंधित सिक्कों का सेक्शन तैयार किया जाएगा, ताकि जनता प्रदेश की जनपदीय एवं रियासतों के सिक्कों के इतिहास से रुबरु हो सके। यह घोषणा कुवि के कुलपति डॉ. डीडीएस सन्धू ने धरोहर हरियाणा में आयोजित एक दिवसीय सिक्कों के प्रदर्शनी के उद्घाटन के पश्चात की। एक दिवसीय प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर कुवि के कुलपति ने हरियाणा तथा पंजाब के अलग-अलग भागों से आए सिक्कों के संकलनकर्ताओं के प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के सिक्कों की प्रदर्शनी का आयोजन किया था। मुख्यातिथि ने अलग अलग रजवाड़ों तथा रियासतों के सिक्कों का गहनता से अवलोकन किया और इनकी प्राचीनता एवं पुरातनता के विषय में जानकारी हासिल की। उधर, कुवि के कुलसचिव डॉ. सुरेन्द्र देशवाल ने भी धरोहर हरियाणा संग्रहालय में आयोजित सिक्कों की एकदिवसीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उन्होंने कहा कि हरियाणा से संबन्धित सिक्कों को धरोहर हरियाणा संग्रहालय में स्थान दिया जाना चाहिए। इसी कड़ी में प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर विषय-विशेषज्ञ के रूप में पुरातत्वविद प्रो. देवेन्द्र हाण्डा, एमडी यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग के प्रो. मनमोहन कुमार, पुरातत्व एवं प्राचीन इतिहास विभाग के प्रो. डॉ. सचदेव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि धरोहर हरियाणा संग्रहालय की प्रदर्शनी में तीन हजार से भी अधिक सिक्कों का प्रदर्शन किया गया था। इनमें सुघ, जनपदीय, कुरु, कार्तिकेय, योधेय, चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य, चन्द्रगुप्त द्वितीय, चन्द्रगुप्त मौर्य, स्थानीय रजवाड़ों, रियासतों, गुप्तकाल, मौर्यकाल, प्रतिहार वंश, पृथ्वीराज चौहान, मुगलकालीन शासकों के सिक्के, ब्रिटिश काल के सिक्के तथा मेडल प्रदर्शित किए गए थे। इससे पूर्व हिन्दी विभाग की अध्यक्षा डॉ. सरीता विशिष्ठ, प्रो. बाबूराम, राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. सीडीएस कौशल, प्रो. जितेन्द्र सिंह, शिक्षक क्लब के प्रधान डॉ. अनिल गुप्ता, धरोहर हरियाणा संग्रहालय के क्यूरेटर डॉ. महासिंह पूनिया, कूटा सचिव डॉ. राजपाल, डॉ. ज्ञान चहल प्रमुख तौर पर उपस्थित थे।

Wednesday, June 15, 2011

कुरुक्षेत्र में राधा-कृष्ण का दोबारा से मिलन

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में राधा-कृष्ण का दोबारा से मिलन हुआ था । कुरुक्षेत्र में तमाल का वृक्ष है राधा-कृष्ण के मिलन का साक्षी । कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर स्तिथ है तमाल का वृक्ष, जोकि राधा कृष्ण के अटूट प्रेम का प्रतीक है। यह वृक्ष वृन्दावन के आलावा किसी और जगह पर नही पाया जाता। कुरुक्षेत्र की पवित्रता और धार्मिक महत्व इसलिए है क्योंकि यहाँ पर सूर्य ग्रहण के अवसर पर ब्रह्मसरोवर में स्नान और दान करने से 100 अश्वमेध यज के बराबर फल मिलता है । उसी कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर के उत्तरी तट पर भगवान श्री कृष्ण का राधा जी के साथ मिलन हुआ था । इसके साथ ही कृष्ण मईया यशोदा और नन्द बाबा जी को भी यहाँ पर मिले थे। श्रीमदभागवत पुराण के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण जब बलराम सहित गोकुल छोड़ कर कंस वध के लिए मथुरा जा रहे थे तब सभी गोपियाँ, राधा रानी व् यशोदा और नन्द बाबा श्री कृष्ण के विरह में बहुत ही दुखी हुए थे और पागलों की तरह इधर उधर दोड़ने लगे । थे तब श्री कृष्ण ने उन्हें वचन देते हुए कहा था कि मेरा और आप लोगो का मिलन एक बार फिर दोबारा अवश्य होगा। श्री कृष्ण ने इसी वचन को निभाते हुए द्वापर युग में सोमवती अमावस्या के दिन जब पूर्ण सूर्य ग्रहण लगा था तो इस अवसर पर कुरुक्षेत्र स्थित ब्रह्मसरोवर के उत्तरी तट पर माता देवकी, पिता वासुदेव और बलराम सहित वे सभी गोपियों, राधा रानी और नन्द बाबा को मिले थे, वही ब्रह्मसरोवर के उत्तरी तट पर स्तिथ है राधा कृष्ण मिलन मन्दिर। इस मंदिर में वृन्दावन के निधि वन में पाए जाने वाला तमाल का वृक्ष आज भी मोजूद है। कहा जाता है की ये वो वृक्ष है जिसको राधा कृष्ण कि अनुपस्थिति में कृष्ण समझकर इसका अलीग्न किया करती थी। निधि वन में तमाल के वृक्ष कि छाया में भगवान् श्री कृष्ण राधा रानी के साथ रास लीला किया करते थे। वही तमाल का वृक्ष कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर स्तिथ है। तमाल का यह वृक्ष कृष्ण की लीलाओं को संजोये हुए है। कहा जाता है की तमाल का ये वृक्ष वृन्दावन के निधि वन के आलावा कहीं भी नहीं पाया जाता। इस स्थान पर तमाल के वृक्ष का होना राधा कृष्ण के प्रेम मिलन को दर्शाता है। इस वृक्ष की बनावट कुछ इस प्रकार की है की इस वृक्ष की हर टहनी एक-दूसरी टहनी के साथ उपर जाकर मिल जाती है। इस वृक्ष की टहनिया जैसे-जैसे उपर की और बडती है तो वे एक दूसरी के साथ लिपट जाती है। और एक दुरे का अलीग्न करती है ठीक उसी प्रकार जैसे राधा और कृष्ण का अगाध प्रेम था । इस वृक्ष की बनावट इस प्रकार की है जिसमे वृक्ष की हर टहनी दूसरी टहनी से इस तरह से लिपट जाती है जोकि श्री कृष्ण का गोपियों और राधा के साथ अटूट और अगाध प्रेम को दर्शाता है। आज भी सैंकड़ो लोग इस वृक्ष को देख कर भाव विभोर हो जातें है।

Wednesday, November 3, 2010

हरियाणवी संस्कृति को किया जिन्दा

RAKESH ROHILLA KURUKSHETRA


हरियाणवी संस्कृति को जिन्दा रखने के लिए किया जा रहा है एक अथक प्रयास, मृत्यु की कगार पर पहुंच चुकी हरियाणवी संस्कृति को हरियाणा दिवस के अवसर पर किया जा रहा है जिन्दा, हरियाणवी परिधान जो एक जमाने से संदूको में बंद होने से विलुप्त हो चूका था,
हरियाणवी संस्कृति को जिन्दा रखने के लिए हरियाणा दिवस अर्थात एक नवम्बर को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा पिछले 25 वर्षो से निरंतर रत्नावली नामक कार्यकर्म चलाया जा रहा है, विलुप्त होती हरियाणवी संस्कृति को जिन्दा रखने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय यह एक अथक प्रयास किया जा रहा है, हरियाणवी संस्कृति का परिधान आज के आधुनिक युग में कही न कही मृत्यु की कगार पर था, लेकिन रत्नावली के माध्यम से ही सही उन परिधानों को आज की युवा पीडी के समक्ष पेश किया जा रहा है, जिससे कम से कम आज के युवा को हरियाणा की संस्कृति की पहचान का अहसास तो हो सके, हरियाणवी संस्कृति की पहचान घाघरा जब कुवि के ऑडिटोरियम में हरियाणवी गीत पर घूमा तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मंच पर उतरे कलाकारों ने अपनी उम्दा प्रस्तुति से हरियाणवी संस्कृति को तो जीवंत किया ही साथ ही उसमें हरियाणवी वेश-भूषा का समावेश कर लोगों का ध्यान भी अपनी और आकर्षित किया । नई पीढ़ी हरियाणा दिवस समरोह रत्‍‌नावली में प्रस्तुति के लिए पूरी तरह से हरियाणवी टच में दिखी। जाहिर है अपनी विलुप्त होती संस्कृति को देख दर्शकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वह भी कलाकारों से साथ झूमने लगे।
मौका कुवि में हर साल हरियाणा दिवस पर आयोजित होने वाले रत्‍‌नावली समारोह का था। अपनी तरह के देश के अनूठे एकमात्र थीम बेस भाषाई समारोह में कलाकारों द्वारा हरियाणवी परिधानों के साथ हरियाणवी संस्कृति को एक बार फिर से जिन्दा कर दिया। मंच पर उतरी महिला कलाकारों की टोली ने हरियाणवी भारी भरकम दामन की जगह बेशक हल्का रेशमी दामन पहनकर प्रस्तुतियां दी हों।लेकिन इससे हरियाणवी संस्कृति और परम्परागत पहनावे की याद ताजा जरुर हो गयी । वही इस पुरे मुद्दे पर युवाओ में पूरा जोश है, उनका कहना है कि आम जनजीवन से हरियाणवी वेश-भूषा विलुप्त हो चुकी है, ऐसे ही मौको पर इसका एहसास होता है, वही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक अनूप लाठर का कहना है कि एक जमाने में हरियाणवी संस्कृति बिलकुल ही विलुप्त होने कि कगार पर पहुंच चुकी थी लेकिन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रयास से इसको दोबारा से पुनर्जीवित किया गया, जो परिधान संदूको में बंद हो चुके थे आज उनको युवाओं के सामने लाया गया है, कम से कम युवाओं को इस माध्यम से अपनी संस्कृति और परिधान का एहसास हो सके,

Friday, October 22, 2010

52 शक्ति पीठों में से एक शक्ति पीठ हरी की भूमि हरियाणा का एक मात्र सिद्ध शक्ति पीठ धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में




भारत के 52 शक्ति पीठों में से एक शक्ति पीठ हरी की भूमि हरियाणा का एक मात्र सिद्ध शक्ति पीठ धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में है जहाँ नवरात्रों में श्रधालुओ की भारी भीड़ उमड़ पडती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यहाँ देव आदि देव भगवान् शिव की पत्नी सती के दाये पैर का टखना गिरा था। कुरुक्षेत्र धर्मभूमि पर यह पौराणिक सावित्री सिद्ध शक्ति पीठ भद्रकाली के नाम से भी विश्वविख्यात है। पौराणिक कथाओं के अनुसार सती दक्ष प्रजापति की पुत्री और भगवान शंकर की पत्नी थी। एक बार दक्ष प्रजापति ने हरिद्वार के पास कनखल में गंगा के तट पर ब्रहस्पति स्वयज्ञ का आयोजन किया दक्ष प्रजापति ने सभी देवी देवताओ को यज्ञ में आमंत्रित किया लेकिन देव आदि देव भगवान शंकर को इस यज्ञ का निमन्त्रण नही भेजा। जब सती अपने पति का तिरस्कार सहन नही कर पाई तो इस बात से खिन्न होकर और तिरस्कार का कारण जानने के लिए यज्ञ स्थल पर पहुच गई। अपने पति का तिरस्कार देखकर सती हवन कुण्ड में कूद पड़ी। देव आदि देव भगवान शंकर को सती के हवन कुण्ड में कूदने का पता चला तो वह यज्ञ स्थल पर पहुंचें और आपनी योग शक्ति से सती को हवन कुण्ड से निकाल लिया। मोह वश कंधे पर सती के शव को उठा कर ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाने लगे देव आदि देव का मोह भंग करने के लिए भगवान् विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शव के 5२ टुकड़े कर डाले। वामन पुराण के अनुसार जहाँ- जहाँ सती के शरीर के टुकड़े गिरे उन स्थनो को शक्ति पीठ कहा गया। कुरुक्षेत्र के इस स्थान पर सती के दाए पैर का टखना गिरा था जिसे सावित्री शक्ति पीठ के नाम से जाना जाता है। पुरानो में इस बात का भी वर्णन मिलता है कि महाभारत युद्ध से पूर्व पांडवो ने इसी स्थान यानिकी सिद्ध सावित्री शक्ति पीठ में आराधना कर युद्ध में विजय होने की कामना की थी, और महाभारत युद्ध के बाद भगवान् श्री कृष्ण ने सबसे सुंदर घोडों की जोड़ी इसी मन्दिर में भेंट स्वरूप चढाई थी। भगवान् श्री कृष्ण द्वारा महाभारत युद्ध के बाद से इस मंदिर में घोडे चढाने की प्रथा आज भी बदस्तूर जारी है। वक्त के साथ भावना तो नहीं बदली लेकिन अंदाज जरुर बदल गया। अब असली घोडों के स्थान पर श्रद्धा अनुसार श्रद्धालु सोने, चांदी, मिटटी और चीनी मिटटी आदि के घोडे मन्दिर में मनोकामना पूरी होने पर भेंट स्वरूप चढाते है। पौराणिक कथाओं के अनुसार बाल्य काल में भगवान् श्री कृष्ण और बलराम का मुंडन संस्कार भी इसी सावित्री शक्ति पीठ में हुआ था। कहा जाता है कि मंदिर में विराजित देवी कूप में ही माँ का टखना गिरा था। इस कूप के पास स्थित वृक्ष पर धागा बांध कर श्रद्धालु अपनी मनोकामना मांगते हैं। नवरात्रों में यहाँ माँ के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना होती है।
जय माँ भद्रकाली