Sunday, July 13, 2014




इनेलो विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। पार्टी प्रत्याशियों की पहली सूची इसी महीने जारी होगी। पार्टी परदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कुरुक्षेत्र में आयोजित एससी और बीसी सेल के सम्मेलनों के दौरान यह ख़ुलासा किया।

इनेलो विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। पार्टी
प्रत्याशियों की पहली सूची इसी महीने जारी होगी। पार्टी परदेशाध्यक्ष
अशोक अरोड़ा ने कुरुक्षेत्र में आयोजित एससी और बीसी सेल के सम्मेलनों के
दौरान यह ख़ुलासा किया।
कुरुक्षेत्र में आज इनेलो के एससी और बीसी सेल के सम्मेलन आयोजित किए
गए। पार्टी के परदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने इस मौक़े पर कहा कि इसी महीने
इनेलो पार्टी प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर देगी। अरोड़ा ने कहा कि
इनेलो टिकटों में एससी और बीसी के साथ-साथ महिलाओं को भी पूरी हिस्सेदारी
देगी। अरोड़ा ने कहा इनेलो ने हमेशा एससी और बीसी वर्ग को पूरी भागीदारी
दी है।
इनेलो विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। इसी कड़ी में आज
एससी और बीसी सम्मेलन आयोजित किये गये। अलग कमेटी के सवाल पर उन्होंने
कहा कि इनेलो सिखों को दोफाड करने के ख़िलाफ़ है। सत्ता में आने पर सिखों
की मर्ज़ी से ही कोई फ़ैसला लिया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर फूट
डालने का आरोप भी लगाया।विधान सभा में बायकाट करने के मामले पर भी अशोक अरोड़ा ने कहा की यदि सरकार चंडीगढ़ ,एसवाईएल ,के मामले पर बिल लेकर आती तो वे उसका समर्थन करते लेकिन कांग्रेस ने सीखो को बाटने का काम किया है ,उनकी सरकार आने पर जो हरियाणा के सीखो को जो मंजूर होगा वह किया जाएगा , बैठक में राज्य सभा संसद रामकुमार कश्यप ने कहा की इनेलो को किसी गठ्बंदन की जरूरत नही है और यदि कोई महा गठ्बंदन बनता है तो भी इनेलो को कोई फर्क नही पड़ेगा , 
 
राकेश रोहिल्ला-9996734100



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Thursday, June 30, 2011

कस्बे में गृहकर न भरने वालों की अब खैर नहीं। नगर पालिका ने सुविधाएं हासिल करने के बावजूद गृहकर न भरने वालों पर अब शिकंजा कसने का मन बना लिया है। इसके लिए नगर पालिका अधिकारियों ने खाका तैयार किया है। इसके तहत पहले नगर पालिका गृहकर दाताओं से प्रार्थना कर गृहकर भरने की अपील करेगा और इसके बाद भी यदि लोगों ने गृहकर अदा नहीं किया तो इन गृह कर दाताओं के फ्लैक्स बनाकर कस्बे के चौकों पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा इन लोगों को नोटिस देकर मामले दर्ज कराने की योजना भी बनाई गई है। इस संबंध में हुई अधिकारियों की बैठक में कस्बे में पॉलीथिन का प्रयोग करने वाले दुकानदारों पर भी शिकंजा कसने की योजना बनाई गई है। तैयार की गई योजना पर कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है।

अब सख्ती से होगा काम: बठला

वहीं इस संबंध में नपा सचिव के एल बठला से बातचीत की गई उनहोंने माना कि ऐरी योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पॉलीथिन का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों पर तो कार्रवाई शुरू भी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एक बार पहले भी नगर पालिका ने इस तरह की एक योजना बनाकर कार्रवाई की थी, जिसका सकारात्मक परिणाम हासिल हुआ था।

कस्बे में गृहकर न भरने वालों की अब खैर नहीं। नगर पालिका ने सुविधाएं हासिल करने के बावजूद गृहकर न भरने वालों पर अब शिकंजा कसने का मन बना लिया है। इसके लिए नगर पालिका अधिकारियों ने खाका तैयार किया है। इसके तहत पहले नगर पालिका गृहकर दाताओं से प्रार्थना कर गृहकर भरने की अपील करेगा और इसके बाद भी यदि लोगों ने गृहकर अदा नहीं किया तो इन गृह कर दाताओं के फ्लैक्स बनाकर कस्बे के चौकों पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा इन लोगों को नोटिस देकर मामले दर्ज कराने की योजना भी बनाई गई है। इस संबंध में हुई अधिकारियों की बैठक में कस्बे में पॉलीथिन का प्रयोग करने वाले दुकानदारों पर भी शिकंजा कसने की योजना बनाई गई है। तैयार की गई योजना पर कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है।

अब सख्ती से होगा काम: बठला

वहीं इस संबंध में नपा सचिव के एल बठला से बातचीत की गई उनहोंने माना कि ऐरी योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पॉलीथिन का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों पर तो कार्रवाई शुरू भी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एक बार पहले भी नगर पालिका ने इस तरह की एक योजना बनाकर कार्रवाई की थी, जिसका सकारात्मक परिणाम हासिल हुआ था।

स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिला अध्यक्ष अमन ने कहा कि कुवि में सेमेस्टर शिक्षा प्रणाली संसाधनों के अभाव में असफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में शुक्रवार को उनका संगठन कुवि कुलपति को ज्ञापन सौंपेगा।

उन्होंने कहा कि जो छात्र अन्य सभी विषयों में 70 से 80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर रहे हो, वो सभी एक ही विषय में फेल हो गए। बीए अंतिम वर्ष, बीटेक व बीएसी मेडिकल प्रथम वर्ष के घोषित परिणामों का भी यही हाल है। छात्रों को बाद में परीक्षा शाखा के चक्कर काटने पड़ते हैं। एसएफआइ के जिला सेक्रेटरी सुशील ने कहा कि यूनिवर्सिटी में गैर शिक्षक कर्मचारियों की कमी के कारण परिणाम देरी से आता है। सदस्यों ने सेमेस्टर परीक्षा प्रणाली की दोबारा जाच करने की मांग की । इस मौके पर एसएफआइ की प्रधान निर्मल प्रमुख तौर पर उपस्थित थी।

नौ अधिकारी एवं कर्मचारी बृहस्पतिवार को सेवानिवृत

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कार्यरत नौ अधिकारी एवं कर्मचारी बृहस्पतिवार को सेवानिवृत हुए। इनमें एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एससी शर्मा एवं डॉ. डीएस संधू, सहायक पद से संतोष चावला, मदन गोपाल शर्मा एवं हरि सिंह, इलेक्ट्रनिक पद से सोहन सिंह एवं धन सिंह, सुरक्षा कर्मचारी पद से एस नैयर,बलदेव सिंह शामिल है। उल्लेखनीय है कि डॉ. एससी शर्मा अप्रैल 2010 से यूनिवर्सिटी कॉलेज में बतौर प्रिंसिपल कार्यरत थे एवं डॉ. डीएस संधू वर्ष 1996 से यूनिवर्सिटी में बतौर आफिसर इचार्ज, सुरक्षा के पद पर अतिरिक्त रूप से कार्यरत थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय के कुलपति जनरल डॉ. डीडीएस संधू ने कमेटी रूम में सभी उपस्थित सेवानिवृत कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुरेंद्र देशवाल, यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्राध्यापक मनोज मिश्रा, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान राम प्रकाश, महासचिव दीपक शर्मा, अधीक्षक डीके बजाज उपस्थित थे।

सतलुज-यमुना लिंक नहर के किनारों को मजबूत करने के लिए सरकार ने 4 करोड़ रुपये की राशि मंजूर



RAKESH ROHILLA KURUKSHETRA
M9996734100
जिला प्रशासन ने बाढ़ से बचाव के उपाय युद्धस्तर पर करके पूरा करने का अभियान चलाया है। पहली बार सतलुज-यमुना लिंक नहर के किनारों को मजबूत करने के लिए सरकार ने 4 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी, लेकिन जल सेवा डिविजन ने इस कार्य को ढ़ाई करोड़ रुपये में निर्धारित अवधि में पूरा कर लिया है। जिला उपायुक्त सीजी रजनिकंातन ने बताया कि पिछले वर्ष सतलुज-यमुना लिंक नहर के किनारे में आई दरार के कारण कुरुक्षेत्र नगर के शाति नगर, दीदार नगर की आवासीय कालोनियों में पानी भरने के कारण काफी नुकसान हुआ था। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए प्रशासन ने सतलुज-यमुना लिंक नहर के किनारों को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने का काम चलाया। जल सेवाएं डिविजन ने इस नहर को 29 किलोमीटर से 41 किलोमीटर तथा 44 किलोमीटर से साढे 47 किलोमीटर के क्षेत्र में बाई तरफ के किनारे को मजबूत किया गया। 13 किलोमीटर से 29 किलोमीटर तथा 41 किलोमीटर से 44 किलोमीटर तक किनारों के आस-पास जो भी कट थे, उनमें मिट्टी भरकर मजबूत करने का काम पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि सतलुज-यमुना लिंक नहर के 13 से 48 किलोमीटर के क्षेत्र में सफाई का काम भी पूरा किया गया। डिविजन द्वारा इस नहर की मजबूती के साथ-साथ विभिन्न बाधों व ड्रेनों की सफाई का काम भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया। जो ड्रेन पिछले चार वर्षो से सफाई के अभाव में लंबित पड़े थे, उन ड्रेनों को भी इस बार साफ किया गया है। इन ड्रेनों में संधौली ड्रेन, लुखी ड्रेन तथा शाहबाद क्षेत्र की बैंतन ड्रेन व कराह साहिब ड्रेन शामिल है। सतलुज-यमुना लिंक नहर के पैरलेल ड्रेन जो बचगावा, दबखेड़ी गाव से होकर गुजरती है, इस ड्रेन की भी समुचित सफाई का काम पूरा किया गया। इस दौरान लिंडा नाला की सफाई का काम भी पूरा कर लिया गया है। जल सेवाएं डिविजन के कार्यकारी अभियंता जितेंद्र गोस्वामी ने बताया कि उनके विभाग द्वारा गाव डाडलू, पाडलू, खानपुरा, शाहबाद, रामनगर, कलसाना, मोहनपुर, मदनपुर, मलिकपुर, गुमटी, नलवी, नगला, बसंतपुर, झड़ौली खुर्द, शातिनगर, गोरखा, ठौल, रोहटी, ठसका मीराजी, इस्माईलाबाद, टबरा, मेगामाजरा, दुनियामाजरा, जलबेड़ा, गंगहेड़ी, टयूकर, महाशय प्लाट, सादिकपुर, हरिगढ़ भौरख गावों की आबादी व कृषि भूमि को बचाने के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि खर्च करके बाढ़ बचाव के कार्यो को पूरा किया गया है। इसके अतिरिक्त आरडी 4500 आरएमबी झासा के आस-पास आबादी व कृषि भूमि को बचाने के लिए सवा सात लाख रुपये की लागत से पत्थरों से किनारे मजबूत करने का काम भी पूरा कर लिया गया है। बाढ़ के पानी को शातिनगर, नलवी, बसंतपुर, झड़ौलीखुर्द व झासा से निकालने के लिए एसवाईएल के 20 किलोमीटर पर इनलेट निर्माण का काम भी पूरा कर दिया गया है।

जहा इसान दिन के समय भी जाने से घबराए ऐसे स्थान पर कुछ लोग डेरा डालकर रात को खाना खा कर आराम फरमाए तो अटपटा अवश्य लगता है। इसका प्रमाण ठसका मीरा जी गांव के पास शमशान घाट में देखने का मिला।

बुधवार देर शाम को तीन घोड़ा रेहड़ों पर गाव दर गाव सामान बेचकर गुजारा करने वालों को ग्रामीणों ने इलाके में बाढ़ आने के खतरे से अवगत कराया। इन लोगों ने मारकंडा नदी की ओर न जा कर गाव के पास स्थित शमशान घाट में ही डेरा डाल दिया। इस शमशान घाट में बिजली व पीने के पानी तक का भी प्रबंध नहीं है। इसमें डेरा डालने वालों ने रात के समय चूल्हा जलाकर खाना बनाया और मजे से खाया। बृहस्पतिवार को इन लोगों को देखने गाव के लोग पहुचे। इन लोगों ने बताया कि वे गुड़, शक्कर, खल, साबुन आदि बेचने का काम करते है। इन लोगों ने बताया कि रात के समय ठहरने के लिए शमशान घाट का चयन इस लिए किया गया कि रात के समय ऐसे स्थान पर चोरी का किसी प्रकार का भय नहीं रहता है। ग्रामीणों ने इन लोगों के साहस की सराहना की।